C0=56== बहकती बहू - Chapter 56 - EroticPad.com
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बहकती बहू Chapter 56

सन्नी - - ए राधा चल ज़रा चाय बना दे और सॉफ सफाई कर दे कमरे मे ! राधा चुपचाप उठकर खेत मे बने कमरे की ओर चल दी जबकि बाकी सब औरतें आपस मे मुश्काराने लगी ! वो सभी जानती थी क़ि राधा को किस चीज़ की सफाई करनी है आख़िर दोनो बाप बेटे उन्हे भी तो कमरे की सफाई करने ले जाते थे !
अब आगे -----------------------------------------

दूसरी सुबह भी शांति से बीत गई ! रात को सब अपने अपने कमरे मे चले गये ! मामा ने कामया को फिर इशारा किया क़ि खिड़की दरवाजे खुले रहेंगे ! बेचारी मामा का इशारा देख शर्म से दुहरी हो गई ! मामा आज पूरी तैयारी से था उसने एक पावर की गोली भी खा ली थी ! आज उसने मामी की आगे पीछे दोनो तरफ से बजा डाली ! सारा प्रोग्राम खिड़की पे खड़ी कामया देखती रही और अपनी उंगली से अपने को शांत करती रही ! मामी से ज़्यादा तो कामया ने पानी बहा दिया था ! जवान लड़की वैसे भी ज़्यादा पानी छोड़ती है !मामा ने पिछवाड़ा बजाने के बाद आज फिर अपने पानी से रजनी की पीठ तरबतर कर दी जो कामया देख रही थी ! और दूसरी बार जब उसने रजनी की अगाड़ी मे हवन किया तो आख़िरी मे माल रजनी को पिला दिया ! रजनी मामा की मलाई खा रही थी और उधर कामया अपनी जीभ अपने होंठों मे फेर रही थी मानो मलाई का स्वाद उसे भी मिल रहा हो ! रजनी की एक ख़ास आदत थी की उसे नींद बहुत गहरी आती थी और ख़ासकर जिस दिन उसकी चुदाई होती थी उस दिन तो सुबह ही उसकी आँख खुलती थी ! मामा लेट कर रजनी की नींद का इंतज़ार कर रहा था क्योंकि आज वो कामया के कमरे मे जाकर उसे चोदना चाहता था ! जब उसे महसूस हुआ की रजनी गहरी नींद मे चली गई है तो चुपचाप कमरे से बाहर निकल आया ! सबसे पहले उसने कमरे मे बाहर से सांकल लगा दी अब किसी भी हालत मे रजनी तो बाहर नहीं निकल सकती थी!
फिर उसने एक और काम किया ऊपर से नीचे आने वाली जो सीडी थी उसमे भी दरवाजा था उसे भी बंद कर दिया ! ये दरवाजा आज कई साल बाद बंद हुआ था ! अब वो चुपके से कामया के दरवाजे पर गया और नोक करने लगा ! दरवाजे पर खट खट की आवाज़ सुन कामया चोंक गई ! इतनी रात मे कौन आ सकता है ! सन्नी भी हो सकता है मामा भी ! उसे भय होने लगा की कहीं कुछ गड़बड़ ना जाए ! वो चुप पड़ी रही जिससे आनेवाला यही सोचे की वो सो चुकी है ! मगर आज रात उसकी किस्मत मे नींद कहाँ थी ! तभी उसका मोबाइल बाज उठा ! देखा तो सन्नी का फ़ोन था ! उसने सोचा ज़रूर दरवाजे मे सन्नी ही खड़ा है और दरवाजा नहीं खोलने पर फ़ोन किए है !
कामया - - क्या है ?
सन्नी - - रानी आए क्या ?
कामया - - पागल हो मामा मामी दरवाजा खोल कर सो रहे हैं ! और कामया ने फ़ोन ऑफ कर दिया और फिर फोन को स्विच ऑफ कर दिया ! इधर दरवाज़ फिर हौले से खटखटाया गया ! कामया मन ही मन बोली "" ऑफ ओ ये तो मानने को ही तैयार नहीं ! रूको इसको दरवाजे से डाँट कर भगाना पड़ेगा !"" वो गई और जैसे ही द्वार खोला चौंक गई ! सामने मामा सिर्फ़ केप्री पहने खड़ा था ! इससे से पहले की वो कुछ समझ पाती मामा ने अंदर आकर दरवाजा बंद कर दिया !
कामया - - मामा ये क्या कर रहे हो ? आप यहाँ क्यों आए ?
मामा - - तुम्हे प्यार करने आया हूँ ! तुम्हे उंगली करते देख मुझे लगा ये तो बहुत नाइंसाफी है !
कामया - - मामा पागल मत बनो ! मामी आ गई तो !
मामा - - चिंता मत कर ! बाहर से दरवाजा बंद कर के आया हूँ !
कामया - - मामा आप समझते क्यों नहीं ? कोई ऊपर से नीचे आ गया तो ! गजब हो जाएगा !
मामा - - रानी तू बिल्कुल मत दर ! सीडी का दरवाजा भी बंद करके आया हूँ ! अब तो ऊपर से बिल्ली भी नीचे नहीं उतर सकती ! अब तू बिल्कुल आराम से मज़े ले और हमे भी मज़े करा ! ऐसा कहते हुए मामा ने उसे उठाया और ले जाकर बेड मे पटक दिया ! मामा मामी का गेम देख कर कामया ऐसे ही गरमाई हुई थी उसने एक हल्का सा टॉप पहना हुआ था और नीचे लेगिंग पहन रखी ती ! मामा ने एक झटके मे ही उसका टॉप उतार दिया वो ना ना कहती रह गई मगर मामा ने खींच कर लेगिंग भी उतार दी ! अंदर पेंटी तो थी नहीं सो कामया का संगमरमरी बदन रोशनी मे दमकने लगा ! अपने को पूर्ण नग्न देख कामया ने शर्म के मारे चादर खींच कर अपने मे डाल ली !

कामया की कंचन काया मे आग लगाता मामा #####################################

इधर मामा भांजी जुटे हुए थे उधर सन्नी परेशान हो रहा था ! जब कामया ने फोन स्विच ऑफ कर दिया तो वो थोड़ी देर बाद खुद नीचे जाने लगा मगर दरवाजा बंद मिला ! उसने समझा ज़रूर ये कामया का ही काम है बेचारा मन मसोस कर वापस आ गया ! उसकी मानसिक हालत देखने लायक थी ! शिकार उसके घर मे ही था मगर वो शिकार नहीं कर पा रहा था !
इधर मामा ने कामया के तन्बदन मे आग लगाना शुरू कर दिया ! वो कामया के पूरे जिस्म मे अपने होंठों की मुहर लगाने लगा ! दो दिन से मामा मामी की चुदाई देख कामया वैसे ही बेहाल थी और इधर मामा ने उसका जीना मुहाल कर दिया !
कामया - - आ ओह शी ! मामा मत करो ! आप जाओ अपने कमरे मे ! प्लीज़ कोई लफड़ा मत करो !
मामा - - रानी चिंता मत ! तेरी मामी चुद्वाने के बाद बहुत गहरी नींद सोती है ! बस रानी पंद्रह मिनिट का ही तो काम है !
अब उसने कामया की एक चूची को अपने मुँह मे भर लिया ! कामया तड़प उठी ! मामा एक दम भूखे बच्चे की तरह कामया की चुची पी रहा था ! ये मस्तानी चूचियाँ उसकी के सामने अंकुरित और विकसित हुई थी ! इन चूचियों की विकास यात्रा के हर पल का वो साक्षी था ! वो दस बरसों से वो इनके रस पीने का इंतज़ार कर रहा था और अब जब उसे मौके मिल रहे थे तो वो कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता था ! वो बड़ी तल्लीनता से बारी बारी से दोनो बूब्स का पान करने लगा ! उसके इस कदम ने कामया के अंदर आग भरना शुरू कर दिया ! पिछले घंटे भर मे वो रजनी की अगाड़ी पिछाड़ी बजता देख कर पहले से ही गरम थी और अब मामा उस पर कहर बन कर टूट रहा था ! वो बेचैनी से अपनी जांघें आपस मे रगड़ने लगी ! उसके मुख से सिसकारियाँ फुट रही थी !
कामया - - आ ! ओह ! शी शी !! उई मान ! मामा प्लीज़ मत करो ! आप जाओ यहाँ से ! कहीं मामी को पता ना चल जाए ! नहीं प्लीज़ आप जाओ ! कामया बार बार जाओ बोल रही थी मगर एक बार भी उसने अपने को छुड़ाने का प्रयत्न नहीं किया ! मामा ने अब उसकी दोनो जांघों से जगह बना कर अपना दो उंगली उसकी बुर मे डाल दी ! कामया की बुर एक दम लस लसी हो चुकी थी ! पनियाई बुर मे उंगली फिसलते हुए अंदर बाहर होने लगी ! कामया के ऊपर पड़ी चादर का अब कहीं पता ही नहीं था और ना ही कामया को अब उस चादर की कोई चिंता थी !

बिस्तर पर हुश्न के जलवे बिखेरती भांजी ################################


कामया की बेपर्दा हुई बुर को देख मामा बोला
मामा - -- रानी छोटी छोटी झाँटो मे तुम्हारी बुर बड़ी सुंदर लगती है ! ऐसा लग रहा है जैसे घूँघट से दुल्हन का चेहरा झाँक रहा हो !
कामया - - चुप करो मामा ! हमेशा फालतू बात करते हो !
मामा - - रानी ये फालतू बात नहीं है जिंदगी की सबसे हसीन बात है ! कितनी सुंदर लग रही है मेरी बन्नो की प्यारी सी बुर ! मामा झुका और उसने झाँटो को चूम लिया !
कामया तड़प उठी! उसने सोचा बाप बेटे दोनो की चोइस एक सी है"" झाँटो से ढकी बुर ! कितनी तारीफ कर रहे हैं और एक सुनील है उसने कभी ध्यान से इस बुर को देखा भी नहीं मुआ तारीफ क्या करेगा ! सच बात है हीरे की कदर जोहरी को ही होती है भिखारी को नहीं ! इन मर्दों की भी क्या क्या पसंद होती है हे राम इन्हें झाँट भी अच्छी लगती है ! सुनील की जगह कोई और पूरा मर्द होता तो इस झांट पर कई नौकरी कुर्बान करके चला आता " अब उसका दिमाग़ सिर्फ़ एक जगह यानी की अपनी चूत मे आकर अटक गया था जहाँ मामा की उंगलियाँ कहर ढा रही थी ! मामा ने अपनी उंगली कामया के जी स्पॉट पर लगाया और वहीं गोल गोल घुमाने लगा ! कामया के नाज़ुक बदन मे आग बरसने लगी ! उसने उत्तेजना मे अपनी जांघें इतनी ज़ोर से कस ली की मामा को अपनी कलाई हिलाना मुश्किल होने लगा ! वो ज़ोर ज़ोर से अपना सिर दाएँ बाएँ फेंकने लगी और कमर ऊपर को उछालने लगी ! अब मामा का हाथ कुछ नहीं कर रहा था वो स्थिर था कामया ही कमर चला चला कर अपने को फक करवा रही थी ! लेकिन कहते हैं ना जहाँ तलवार की ज़रूरत हो वहाँ सुई से काम नहीं चल सकता ! जवानी के अपने सबसे स्वर्णिम उमर मे खड़ी भांजी को भला उंगली से क्या मज़ा मिलता ? उसे तो एक अदद लंबा तगड़ा लंड ही जन्नत दिखा सकता था ! सिसकारियाँ भर रही कामया अब और बर्दास्त नहीं कर पाई अपने जवान जिस्म की माँग के आगे वो हार गई आहें भरते हुए मामा से बोली
कामया - - आ ओह ! हे भगवान ! मामा ये क्या कर दिया आपने !
मामा - - रानी हमने तो अभी कुछ नहीं किया ! देख लो हमने तो अपने कपड़े भी नहीं उतारे अभी तक !
कामया - ओह मामा ! आपको जो करना है जल्दी कर लो और जाओ यहाँ से ! मुझे मामी का डर लग रहा है! प्लीज़ कर लो जल्दी से ! मामा भी खेल को ज़्यादा लंबा नहीं खींचना चाहता था ! वो बेशक दिलेरी दिखा रहा था मगर अंदर से वो भी सहमा हुआ था ! जिंदगी मे पहली बार वो अपने ही घर मे रजनी के बजाय किसी दूसरी औरत के पहलू मे था ! उसने समय ना गवान्ते हुए कामया की टांगे चौड़ी कर दी और अपने को उस मे सेट कर दिया ! लंड अपना शिकार सूंघता हुआ सीधा बुर से जा लगा ! बुर मे लंड का स्पर्श कामया को विचलित करने लगा
कामया - - ओह मामा ! डालो ना अब ! मामी सही कह रही थी क्या मुहूर्त देखकर डालोगे ?
मामा ने भी अपनी कमर सेट की और धक्का लगा दिया ! लंड सनसनाता हुआ पनियाई बर्ब मे घुस गया !
कामया - - आ ! ओह ! ऑफ ओ ! मामा धीरे से करो ! बहुत बड़ा है आपका ! मामा अब धीरे धीरे थाप पे थाप देने लगा ! ज्यों समय गुजरने लगा कामया अपने फॉर्म मे आने लगी उसकी आहें बॅडने लगी ! बुर मे लंड उसे ठंडी मे भी गर्मी का अहसास दिला देता था ! इधर तीसरा राउंड होने के कारण मामा का औजार ज़्यादा कड़ा नहीं हो पा रहा था जिसे कामया भी महसूस कर चुकी थी ! वो चुदाई का मज़ा लेती हुई बोली
कामया - - मामा अब आप बूढ़े हो गये हो !
मामा - - क्यों ऐसा क्यों कह रही हो !
कामया - - तीसरी बार मे अब आप मे वो दमखम नहीं दिख रहा जैसे हमारे घर मे दिख रहा था ! लगता है मामी ने आपको पूरा निचोड़ लिया है !
मामा - - जान कभी कभी ऐसा हो जाता है अब हम भी कोई बीस बरस के तो हैं नहीं ! लेकिन चिंता मत करो तुम्हे मंज़िल मे पहुँचा के ही दम लेंगे !
कामया - - मंज़िल की मुझे चिंता नहीं है मामा ! आपका इतना मोटा है क़ि अंदर जाते ही चाँद तारे दिखने लगते हैं ! आप तो बस लंबे लंबे शॉट लगाइए ! मेच जीतने की चिंता छोड़ दीजीये !
मामा - - ठीक है रानी ले लंबे शॉट ! अब मामा टोपे तक बाहर निकाल कर भांजी की चुदाई करने लगा ! घंटे भर से मामा मामी का सीधा प्रसारण देख रही भांजी पहले से ही भरी बैठी थी मामा की कोशिश तुरंत रंग ले आई ! कामया का बदन अकड़ने लगा कमर कमान बन गई ! निपल काले अंगूर बन गये और गाल कश्मीरी सेब बन गये वो चीखी
कामया - - ओह मामा ! यू आर ग्रेट ! मैं तो गई मामा ! मामा मैं तो गई ! और कहते हुए कामया पानी बहाने लगी ! इस बार उसने इतना पानी बहाया जैसे किसी ने नलका खोल दिया हो !
दूसरे दिन सुबह सुबह कामया ने नहा धोके पिंक कलर की साड़ी पहनी ! वो अपने आप को इस साड़ी मे बहुत सेक्सी फील करती थी ! पिंक कलर की साड़ी मे कामया किसी गुलाब की तरह खिल उठी थी !

कामया जैसे खिलता गुलाब #############################


बाप बेटे सुबह सुबह कामया का ये हमला देख कर हैरान थे ! रात मे तीन बार हल्के होने के बाद भी कामया को देख मामा के हथियार ने पोसीसन लेनी शुरू कर दी ! उधर सन्नी तो और ज़्यादा परेशान था ! उसे लग रहा था जैसे दीदी जानबूझ कर उसे तड़पाने के लिए ऐसा कर रही है ! एक तो उसका काम नहीं बना रही है और ऊपर से इस तरह जान लेने पे उतारू है ! अगर बाप बेटे का बस चलता तो दोनो घर से जाते ही नहीं मगर क्या करें रजनी के रहते रुकने का कोई फ़ायदा भी नहीं था ! दोनो अपने अपने समय पर चल दिए ! सन्नी ने कॉलेज से कामया को फ़ोन किया !
कामया - - हेलो ! हाँ भैया बोलो !
सन्नी -- दीदी आप मेरे साथ ऐसा क्यों कर रही हैं ?
कामया - - क्यों मैने ऐसा क्या किया सन्नी ?
सन्नी - - दीदी आप मुझे मंज़िल पर लाकर धक्का दे देती हैं ! आप को मालूम तो है क़ि दिन मे कोई नहीं रहता है घर मे !
कामया - - नहीं सन्नी मैं घर मे कोई रिस्क नहीं ले सकती ! मैने तुम्हारा दुस्साहस देखा है !
सन्नी - - कैसा दुस्साहस दीदी ?
कामया - - भूल गये ! हनी मून ट्रिप ! तुमने मुझे किले मे , बाँध मे खुली जगह पर भी नहीं छोड़ा ! और तो और !!!!!!!
सन्नी - - और तो और क्या जान ?
कामया - - चुप कर ! और क्या तुझे नहीं पता क्या ? तूने तो आपने जीजू के रूम मे उनके बेड मे उनके बाजू मे ही तीन बार मेरे साथ किया था ! तुम बहुत गंदे हो भैया ! जीजू का तक ख्याल नहीं किए !
सन्नी - - जान तुम तो ऐसा बोल रही हो जैसे मैने जबरजना किया हो और फिर हनीमून मे भी जीजू आपका ख्याल नही कर रहे थे इसलिए हमने आपका ख्याल रख लिया ! !
कामया - - चुप कर ! तूने मुझे बहका दिया था ! वहाँ जो कुछ हुआ वो आज मैं याद भी करती हूँ तो काँपने लगती हूँ ! वहाँ तो तो भी केवल तेरे जीजू थे और वो भी नशे मे यहाँ तो हम दोनो के अलावा चार और लोग हैं ! मैं घर मे तो बिल्कुल नहीं करने दूँगी ! जब तक मैं ससुराल नहीं पहुँच जाती तब तक बस इंतज़ार कर !
सन्नी - - ठीक है दीदी जैसा आप समझो मैं तो आप के साथ हूँ ! अब सन्नी समझ गया क़ि घर मे कामया डर रही है इसका मतलब कामया को कहीं और ऐसी जगह ले जाना चाहिए जहाँ किसी का डर ना हो ! सन्नी ने कुछ सोचा और उसकी आँखें चमक गई " वाउ शाम को जानेमन को खेत मे ले चलता हूँ ! वो घर से कई मील दूर भी है और शाम को वहाँ कोई नहीं आने वाला ! एकांत मे तो रानी मान ही जाएगी !""
शाम को पाँच बजे सन्नी घर लौटा और चाय पीकर कामया से बोला
सन्नी - - दीदी आप दिन भर घर मे बोर हो जाती होगी ?
कामया - - हाँ मगर कर भी क्या सकती हूँ ?
सन्नी - - चलो दीदी कहनी घूमने चलते हैं ! आज आप को घुमा लाऊँ !
रजनी - - हाँ बेटा जा ज़रा भाई के साथ बाहर की हवा भी खा ले ! दिन भर घर मे ही पड़ी रहती है ! वो बेचारी नहीं जानती थी की वो कसाई के हाथ बकरी भेज रही है !
कामया - - कहाँ चलेगा ?
सन्नी - - अरे कई जगह हैं ! बाजार है , पार्क है ,मंदिर है ! बस तुम तैयार हो जाओ !
कामया - - तैयार तो मैं हूँ ही भैया !
सन्नी - - दीदी बाइक मे चलना है साड़ी मे चलॉगी तो कॉम्फर्ट नहीं रहेगा ! एक काम करो जीन्स पहन लो ! आजकल यहाँ भी लड़कियाँ पहनने लगी हैं ! क्यों ना मम्मी ?
रजनी - - हाँ पहन ले बेटा ! सन्नी गाड़ी धीरे चलाना ! तेरी दीदी पेट से है ! रजनी की बात सुन सन्नी मुश्कारा दिया उसी के बच्चे की खबर उसे दी जा रही थी !
हल्का धुँधला होते ही सन्नी अपने माल को बाइक मे बैठा चल दिया ! उसकी बाइक सरपट अपने खेत की ओर बढ़ी जा रही थी ! दोनो बाप बेटे माल मिलते ही यहीं लाते थे !
लेकिन लाख छुपाओ होता वही है जो मंजूरे खुदा होता है ! दोनो अपनी धुन मे खेत पहुँच गये ! सन्नी तो दिलेरी से लाया था उसे मालूम था की कोई देख भी लेगा तो कह देगा दीदी को खेत दिखाने लाया हूँ ! लेकिन एक गड़बड़ हो गई ! जब उनकी बाइक खेत की पगडंडी मे गुजर रही थी तो वहाँ से काफ़ी दूर एक शराब ठेके से दारू लेकर लौटता मामा उन्हे देख चोंक गया ! दरअसल वो खुद बोतल लेकर वहीं आना चाहता था मगर अब बेटवा ने सब गड़बड़ कर दी थी ! बुलेट की आवाज़ और सन्नी को तो वो एक नज़र मे ही पहचान गया मगर पीछे बैठी लड़की ने चुन्नी डाली हुई थी सो वो दूर से पहचान नहीं पाया ! जब वो लड़की बुलेट से उतर कर कमरे मे जाने लगी तो लड़की को जीन्स टॉप मे देख वो विस्मित हो गया ! वैसे वो सन्नी के मामलों मे कभी द्खल नहीं देता था मगर उसे आश्चर्य इस बात का हो रहा था की यहाँ आस पास जीन्स पहनने वाली कोई माल तो था नहीं ! वो वापस जाने की सोच रहा था मगर जीन्स वाली लड़की उसके दिमाग़ से उतर नहीं रही थी ! ऐसी हालात मे सन्नी के पास जाना उसे अच्छा नहीं लग रहा था किंतु जीन्स से झाँकती लौंडिया की पुष्ट जांघें उसे वापस नहीं जाने दे रही थी !बहुत कम औरतों की थाइस इतनी वेल शेप मे होती हैं ! अंत मे उसने फ़ैसला किया क़ि दरवाजे से केवल एक बार देख लेगा की लौंडिया है कौन फिर बाद मे वो भी बुलवा लेगा साली जाएगी कहाँ बच के ! वैसे भी दरवााज़ा जगह जगह से दरार वाला था और एक झटका मारो तो अपने आप भी खुल जाता था ! उसने अपनी गाड़ी दूर रोक दी और दबे पाँव कमरे की ओर जाने लगा ! दरार से उसने अंदर झाँका तो लौंडिया टॉप उतार कर पट लेटी हुई थी उसका चेहरा नहीं दिख रहा था ! सन्नी दिख नहीं रहा था मगर उसके कपड़े एक एक कर गिरते जा रहे थे अचानक सन्नी की आवाज़ आई
सन्नी - - रानी शर्मा क्या रही हो चलो पलटो ! तुम तो ऐसा कर रही हो जैसे पहली बार लोगी !
सन्नी की बात सुन मामा चौंक गया ! मतलब ये कातिल हसीना पहले भी यहाँ आ चुकी है और हमे पता ही नहीं चला ! वो बुदबुदाया ""साली कितनी सुंदर पीठ है इसकी और गाँड भी देखो कितनी उभरी हुई है ! ऐसी उभरी और चौड़ी गाँड वाली को तो घोड़ी बना के पिछवाड़े मे चोदुन्गा ! किसी अच्छे घर की लग रही है ! पढ़ी लिखी भी होगी ! नहीं नहीं इसको केवल चोदना नहीं है इससे बहुत काम ले सकते हैं ! ये केवल लौंडिया नहीं है लॉटरी का टिकट है मेरे भविष्य की सीडी है! इसको तो पार्टी का महिला मोर्चा जोइन करवा दूँगा ! जब ले जा के बड़े लीडरों की सेवा कर्वाऊंगा तो अपनी तो इस बार टिकट पक्की समझो ! क्या फिगर पाया है लौंडिया ने ऐसे फिगर की धंधे वाली इलाक़े मे दूसरी ना होगी ! ये तो दिल्ली तक के नेताओं मे अपनी पहुँच बनवा देगी ! अब तो दिल्ली तक के नेता यशवंत यशवंत पुकारते फिरेंगे ! रांड़ पलटे तो ज़रा चूची के भी दीदार कर लें और चेहरा देख लें तो वापस चलें सन्नी के रहते यहाँ रुकना सही नहीं होगा ! बस चेहरा देख लूँ ताकि कल ढूँढने मे आसानी हो ! चाहे कुछ भी हो साली कल यहीं इसी बिस्तर मे हमसे गाँड मरवाएगी ! पता नहीं अपने कस्बे की है या कहीं दूर से पकड़ लाया है सन्नी! ये सन्नी तो मुझसे भी चार कदम आगे आगे चल रहा है "" और जब मामा ख्याली पुलाव पका रहा था उसी वक्त लौंडिया पलट गई !

पलटते ही कामया का ये रूप मामा के सामने आ गया #######################################


लौंडिया का चेहरा देख कर मामा गश खाते खाते बचा ! सामने उसकी प्यारी भांजी कामया अधनंगी पड़ी थी और उसे ही सन्नी कह रहा था क़ि कौन सा पहली बार लोगी ! मामा का तो सिर घूमने लगा ! मतलब कम्मो सन्नी का पहले से ले रही है ??????????

Chapter 56